घटनाएं : लखनऊ के बाद गाजियाबाद में 200 झुग्गियां जली; लखनऊ आग में दो सगी बहनों की मौत; हाथरस में सिपाही ने खुद को मृत दिखाने के लिए की हत्या *SAZD* #997

गुरुवार को गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में भीषण आग लगने से 200 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं, जहां 22 दमकल वाहनों ने स्थिति पर काबू पाया। इससे पूर्व बुधवार शाम लखनऊ के विकासनगर में भी आग का तांडव देखने को मिला, जिसमें 250 से अधिक झोपड़ियां जल गईं और दो मासूम बहनों की जिंदा जलने से मौत हो गई; पीड़ितों ने इलाके के दबंगों पर आग लगाने का आरोप लगाया है, राहत कार्य जारी है। वहीं, हाथरस में पुलिस ने एक सनसनीखेज साजिश का खुलासा करते हुए बर्खास्त सिपाही रामवीर सिंह को गिरफ्तार किया है, जिसने कुछ दिन पूर्व खुद को मृत घोषित करने के लिए एक भिखारी की जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी।


1. गाजियाबाद की झुग्गियों में भीषण आग, सिलेंडर धमाकों से दहला इलाका

सिलेंडरों में हुए धमाके, 10 किमी दूर तक दिखा धुआं

गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि इसका धुआं 10 किलोमीटर दूर तक देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग खाना बना रहे थे, तभी तिरपाल में आग लगी जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस दौरान झुग्गियों में रखे गैस सिलेंडरों में भी धमाके हुए।

22 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

दमकल विभाग की 22 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नोएडा से भी गाड़ियां मंगवाई थीं। डीएम रविंद्र कुमार के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में कबाड़ का काम करने वाले लोग रहते थे। आग की चपेट में आने से पास का पन्नी गोदाम भी जल गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, फिर भी एहतियातन अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।

2. लखनऊ: आग की चपेट में आने से दो बहनों की मौत, 250 परिवार बेघर

मासूमों की मौत और साजिश के आरोप

राजधानी लखनऊ के विकासनगर में बुधवार शाम करीब 5:30 बजे लगी आग ने 250 से ज्यादा झोपड़ियों को राख कर दिया। इस हादसे में बाराबंकी निवासी एक दंपत्ति की दो मासूम बेटियों (उम्र 2 साल और 2 महीने) की जिंदा जलने से मौत हो गई। घटनास्थल पर मौजूद महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाया कि कोठीवालों ने उन्हें हटाने के लिए कथित तौर पर झुग्गियों में आग लगाई है। पीड़ितों का दावा है कि उन्हें पहले झोपड़ियां हटाने की धमकी दी गई थी।

राहत और बचाव कार्य

आग बुझाने के लिए 20 दमकल गाड़ियों को 5 घंटे तक जूझना पड़ा। डीसीपी दीक्षा शर्मा के अनुसार, राहत कार्य में SDRF और NDRF की टीमें भी लगाई गई थीं। आग के कारण 30 से ज्यादा सिलेंडर फटे, जिसके चलते आसपास के 20 मकानों को भी खाली कराया गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने घटना का संज्ञान लेते हुए हालातों का जायजा लिया। बेघर हुए परिवारों की सूची तैयार की जा रही है।

3. हाथरस: बर्खास्त सिपाही की खौफनाक साजिश, भिखारी को जलाकर मार डाला

खुद को मृत घोषित करने का रचा प्लान

यूपी पुलिस से बर्खास्त सिपाही रामवीर सिंह ने हत्या के मामलों में जेल जाने से बचने के लिए अपनी मौत की झूठी कहानी रची। 12 मार्च को उसने हाथरस स्टेशन पर सो रहे अपनी ही कद-काठी के एक भिखारी पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया। साजिश के तहत उसने अपना आधार कार्ड और मोबाइल भिखारी की जेब में रख दिया ताकि पुलिस उसे मृत मान ले।

अस्पताल की पर्ची से खुला राज

भिखारी को जलाते समय रामवीर खुद भी झुलस गया था। उसने हाथरस जिला अस्पताल और बाद में सैफई मेडिकल कॉलेज में अपने असली नाम से पर्ची बनवाकर इलाज कराया। उधर, स्टेशन से एक भिखारी के गायब होने और रामवीर के परिवार की गतिविधियों पर जीआरपी को शक हुआ। जांच में पता चला कि रामवीर जीवित है।

13 मुकदमों में फरार था आरोपी

मैनपुरी के बघौनी निवासी रामवीर पर हत्या और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह 2013 में पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया था। पुलिस ने एक महीने तक अस्पताल में उसकी निगरानी की और डिस्चार्ज होते ही बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

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