सुर्खियां : डंपर ने सिपाही को रौंदा, हाथ कटकर हुआ अलग; पैतृक गांव पहुंचे सीडीएस अनिल चौहान; मदरसों में बाहरी बच्चों के दाखिले की होगी जांच *SERT* #999
हल्द्वानी में गुरुवार को एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार सिपाही पुष्कर रौतेला को टक्कर मार दी, जिससे उनका दाहिना हाथ कटकर शरीर से अलग हो गया और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, देश के वर्तमान सीडीएस जनरल अनिल चौहान शुक्रवार को पहली बार अपने पैतृक गांव गवाणा (पौड़ी गढ़वाल) पहुंचे और सीमावर्ती गांवों के विकास को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम बताया। इधर, उत्तराखंड सरकार ने राज्य के चार जिलों के मदरसों में बाहरी राज्यों से लाए जा रहे बच्चों के सत्यापन और जांच के आदेश जारी किए हैं, एक संदिग्ध व्यक्ति बच्चों के साथ पकड़ा गया है।
1. हल्द्वानी में डंपर ने सिपाही को रौंदा, हाथ कटकर शरीर से अलग; हालत नाजुक
डंपर ने ओवरटेक के दौरान मारी टक्कर
हल्द्वानी के रुद्रपुर-हल्द्वानी स्टेट हाईवे पर गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। टीपी नगर चौकी में तैनात कॉन्स्टेबल पुष्कर रौतेला रुद्रपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) से सरकारी कार्य निपटाकर बाइक से लौट रहे थे। बेलबाबा मंदिर के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने सामने चल रही कार को ओवरटेक करने के प्रयास में सिपाही की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
अस्पताल में मचा हड़कंप, विशेष सर्जन बुलाए गए
हादसे में सिपाही का दाहिना हाथ कटकर मौके पर ही गिर गया और हेलमेट पहनने के बावजूद उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सिपाही की गंभीर स्थिति को देखते हुए रुद्रपुर से प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. अजय बजाज को बुलाया गया है। एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से जानकारी ली।
आरोपी ड्राइवर और डंपर हिरासत में
हादसे की खबर मिलते ही सिपाही की पत्नी बदहवास होकर अस्पताल पहुंचीं, जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों ने संभाला। सीओ हल्द्वानी अमित सैनी के अनुसार, पुलिस ने डंपर और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।
2. सीडीएस बनने के बाद पहली बार पैतृक गांव पहुंचे जनरल अनिल चौहान
पैतृक गांव में पूजा और दोस्तों संग मुलाकात
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान शुक्रवार सुबह अपने पैतृक गांव गवाणा (पौड़ी गढ़वाल) पहुंचे। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनका पहला दौरा था। उन्होंने देवलगढ़ स्थित सिद्धपीठ राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की और गांव में आयोजित पारिवारिक धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने दोस्तों और ग्रामीणों के साथ चाय पी और करीब दो घंटे गांव में बिताए।
सीमावर्ती गांवों को बताया सुरक्षा का स्तंभ
जनरल चौहान ने उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों चमोली और हर्षिल का भी दौरा किया। हर्षिल में उन्होंने हेरिटेज एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमा पर स्थित गांव केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं बल्कि देश की सुरक्षा के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये गांव खाली होते हैं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।
वाइब्रेंट विलेज योजना और चारधाम निरीक्षण
इससे पूर्व गुरुवार को सीडीएस ने बद्रीनाथ पहुंचकर चारधाम यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया था। उन्होंने सीमावर्ती गांवों के निवासियों को 'देश का पहला नागरिक' बताते हुए केंद्र की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत स्थानीय लोगों से संवाद किया।
3. उत्तराखंड के मदरसों में बाहरी बच्चों के प्रवेश पर सख्ती, जांच के आदेश
रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध मिलने के बाद कार्रवाई
उत्तराखंड सरकार ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल के मदरसों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। मामला तब गर्माया जब देहरादून रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बिहार से तीन बच्चों को लेकर आए एक व्यक्ति को संदिग्ध मानकर पकड़ा। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के अनुसार, एक बच्चे ने कथित तौर पर बताया कि मदरसे में उन्हें जन्नत का हकदार बनना सिखाया जाता है।
जिलाधिकारियों से पूछे गए तीन मुख्य सवाल
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने चारों जिलों के डीएम से तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है:
- बच्चों के आगमन का मूल स्रोत क्या है?
- क्या बच्चों को लाने वाले व्यक्तियों के पास अभिभावकों की सहमति है?
- बच्चों को लाने वाले व्यक्तियों का पिछला रिकॉर्ड क्या है?
नियमों का उल्लंघन होने पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अनियमितता पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, स्थानीय पुलिस के अनुसार 8 अप्रैल की जांच में बच्चों के साथ आया व्यक्ति उनका रिश्तेदार पाया गया था, जिसे पुष्टि के बाद भेज दिया गया था। बता दें कि 1 जुलाई से उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भंग होने जा रहा है और अब मदरसों को नई सख्त शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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