सुर्खियां : अयोध्या में दिखा दुर्लभ विदेशी पक्षी इमू; फतेहपुर में अखिलेश ने चाय पी, दुकान पर छापा; कौशांबी में पत्रकार को गालीबाज दरोगा ने पीटा *ZSER* #999
अयोध्या के बहू बेगम मकबरे में ऑस्ट्रेलिया का दुर्लभ पक्षी 'इमू' का जोड़ा देखे जाने से हड़कंप मच गया, देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ गई, हालांकि पक्षी कहाँ से आया इसकी जानकारी नहीं मिली। वहीं, फतेहपुर में 'शेषमन की फेमस चाय' की दुकान पर कथित फूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी के बाद हड़कंप मच गया; दुकानदार का आरोप है कि करीब दो महीने पहले अखिलेश यादव द्वारा यहाँ चाय पीने के बाद से उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे परेशान होकर उसने दुकान बंद करने की घोषणा की है। उधर, कौशांबी में कथित तौर पर यमुना में अवैध खनन की कवरेज से नाराज होकर सराय अकिल थाना प्रभारी वीर प्रताप सिंह पर एक स्थानीय पत्रकार को दो दिनों तक अवैध हिरासत में रखने और बेरहमी से मारपीट करने, गालियां देने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ है।
1. अयोध्या के ऐतिहासिक मकबरे में दिखा विदेशी पक्षी इमू; 50 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने में है सक्षम
बहू बेगम मकबरे में उमड़ी भीड़
अयोध्या के ऐतिहासिक बहू बेगम मकबरा परिसर में उस समय कौतूहल का विषय बन गया जब वहां ऑस्ट्रेलिया का दुर्लभ और उड़ानहीन पक्षी 'इमू' देखा गया। परिसर में एक नहीं बल्कि इमू का जोड़ा घूमता पाया गया है। विदेशी पक्षी की मौजूदगी की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भीड़ मकबरे में जमा हो गई और लोग इस अनोखे पक्षी की तस्वीरें उतारते नजर आए।
वन विभाग की पुष्टि और सुरक्षा
अयोध्या वन विभाग के अधिकारियों ने इमू के जोड़े की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया का पक्षी है और शुतुरमुर्ग की प्रजाति से संबंधित है। अधिकारियों के अनुसार, यह पक्षी उड़ नहीं सकता लेकिन 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है और तैरने में भी कुशल होता है।
आगमन को लेकर रहस्य बरकरार
यह विदेशी पक्षी ऐतिहासिक परिसर तक कैसे पहुंचा, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि या तो किसी ने इन्हें पाला होगा और वे वहां से निकल आए, या फिर भटककर इस स्थान तक पहुंच गए। वन विभाग फिलहाल इन पर नजर रख रहा है। चूंकि इमू भारत का मूल पक्षी नहीं है, इसलिए यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संरक्षित सूची में नहीं आता है, परंतु विभाग इनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
2. फतेहपुर: अखिलेश के चाय पीने के बाद दुकानदार पर गिरी गाज; फूड विभाग के छापे से परेशान होकर दुकान बंद करने का ऐलान
छापेमारी पर भड़के दुकानदार और सपा प्रमुख
फतेहपुर के खागा में 'शेषमन की फेमस चाय' की दुकान पर गुरुवार (16 अप्रैल) को फूड सेफ्टी विभाग ने छापेमारी कर चाय के सैंपल लिए। दुकानदार शेषमन यादव और उनके बेटे आर्यन का आरोप है कि 20 फरवरी को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के यहाँ चाय पीने के बाद से ही प्रशासन और विभाग उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा है। अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे सरकार का "छोटापन" करार दिया है।
विभाग की सफाई और शिकायत का हवाला
खाद्य निरीक्षक धीरेंद्र दीक्षित के अनुसार, आईजीआरएस पोर्टल पर अहमद नामक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर यह जांच की गई थी। टीम ने मानकों के उल्लंघन और एल्युमिनियम के बर्तनों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। विभाग का कहना है कि सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मारपीट और लूट की एफआईआर
इस विवाद के बीच दुकानदार शेषमन यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि 16 अप्रैल की शाम 18 लोगों ने दुकान में घुसकर मारपीट की, तोड़फोड़ की और गल्ले से 7 हजार रुपये लूट लिए। सीओ खागा दुर्गेश दीप के अनुसार, जांच में मारपीट की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर 3 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 3 को हिरासत में लिया गया है। आर्यन यादव ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर अपनी सुरक्षा और मानसिक परेशानी के कारण दुकान बंद करने की घोषणा की है।
3. कौशांबी: सराय अकिल इंस्पेक्टर पर पत्रकार को दो दिन बंधक बनाकर पीटने का आरोप; एसपी ने दिए जांच के आदेश
अवैध हिरासत और अभद्रता का मामला
कौशांबी के सराय अकिल थाना क्षेत्र की कनैली चौकी में तैनात इंस्पेक्टर वीर प्रताप सिंह पर स्थानीय पत्रकार आदित्य सिंह को दो दिनों तक अवैध रूप से थाने में बैठाने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित का दावा है कि बुधवार रात से शुक्रवार दोपहर तक उसे बिना किसी एफआईआर के हिरासत में रखा गया। एक वायरल ऑडियो में इंस्पेक्टर कथित तौर पर पत्रकार को जातिसूचक शब्दों, गालियों और जान से मारने की धमकी देते सुनाई दे रहे हैं।
अवैध खनन की खबर बनी वजह
पीड़ित पत्रकार के अनुसार, उन्होंने हाल ही में यमुना नदी में हो रहे अवैध खनन और ओवरलोडिंग की खबरें प्रकाशित की थीं, जिससे पुलिस अधिकारी नाराज थे। बुधवार को एक शिकायतकर्ता महिला के प्रार्थना पत्र की फोटो खींचने को लेकर चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह से विवाद हुआ, जिसके बाद रात को उन्हें घर के पास से जबरन उठाकर थाने ले जाया गया।
पत्रकार संगठनों का प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
मामले की जानकारी होने पर पत्रकार संगठनों ने एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। एसपी सत्यप्रकाश प्रजापति के हस्तक्षेप के बाद पत्रकार को छोड़ा गया। एसपी ने घटना पर खेद जताते हुए सीओ ज्ञानेश्वर प्रसाद पांडेय को 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच की जा रही है, जिसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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