सुर्खियां : "अखिलेश ने गैर-यादव का हक मारा" -राजभर; आउटसोर्स कर्मियों के लिए सुरक्षा नियम लागू; यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय अस्पताल में भर्ती *XDRE* #987
शुक्रवार को यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर गैर-यादव ओबीसी का हक मारने और जातिगत संघर्ष कराने का गंभीर आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि 'वोट हमारा, राज तुम्हारा' दावा किया कि गरीबों की पीठ पर यादवों की लाठियों के निशान हैं। दूसरी ओर, प्रदेश सरकार ने मजदूर दिवस पर आउटसोर्स कर्मियों के लिए बिना साप्ताहिक अवकाश लगातार 7 दिन काम ना करवाने, प्रतिदिन कार्य के घंटे 8 से 9 (इसके बाद ओवरटाइम), प्रतिवर्ष 10 आकस्मिक अवकाश, और वेतन सुरक्षा संबंधी नए नियम लागू किए हैं। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की अचानक तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने के बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
1. अखिलेश यादव पर मंत्री राजभर का तीखा प्रहार: पूछा- गैर यादव ओबीसी को हक कब मिलेगा?
हक और हिस्सेदारी पर उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को फेसबुक पोस्ट के जरिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख ओबीसी समाज को आपसी संघर्ष में उलझाकर केवल राजनीतिक लाभ ले रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि 'वोट हमारा, राज तुम्हारा' का खेल कब तक चलेगा और गैर-यादव ओबीसी समाज को उनका वाजिब हक आखिर कब दिया जाएगा?
इतिहास और लाठी के निशान का जिक्र
राजभर ने तीखी शब्दावली का प्रयोग करते हुए दावा किया कि गरीबों की पीठ पर यादवों की लाठियों के निशान हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश की सत्ता के लिए अब राजभर समाज 'दरी' नहीं बिछाएगा। राजभर ने अपने पोस्ट में महाराजा सुहेलदेव राजभर और रानी अवंती बाई लोधी के गौरवशाली इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पहले मुगलों और अंग्रेजों की सेना में सिपाही बनकर अपनों को ही मारा गया और अब राजनीतिक रूप से लड़ाकर मूर्ख बनाया जा रहा है।
पुराने मामलों को लेकर भी घेरा
मंत्री राजभर ने गाजीपुर, बाराबंकी, देवरिया और कौशांबी की विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर जातिवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि आजमगढ़ में सपा समर्थकों ने भय का माहौल बना रखा है और अति पिछड़े समाज के लोग आतंक के साये में जी रहे हैं। मुजफ्फरनगर दंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब जिले के हालात बेकाबू थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए नाच देखना अधिक महत्वपूर्ण था।
2. यूपी में आउटसोर्स कर्मियों के लिए ऐतिहासिक सुधार: वेतन और छुट्टियों पर सरकार सख्त
साप्ताहिक अवकाश और कार्य घंटे अनिवार्य
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने शुक्रवार को 'मजदूर दिवस' के अवसर पर आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के लिए नए नियमों की घोषणा की। अब किसी भी कर्मचारी से लगातार सात दिन काम लेना अवैध होगा। 6 दिन के निरंतर कार्य के बाद 1 दिन का सवेतनिक साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रतिदिन कार्य के घंटे 8 से 9 निर्धारित किए गए हैं और इससे अधिक काम लेने पर ओवरटाइम देना होगा।
छुट्टियों का नया ढांचा लागू
कर्मचारियों के कल्याण के लिए छुट्टियों के नियमों में व्यापक बदलाव किए गए हैं:
- आकस्मिक अवकाश: प्रति वर्ष 10 दिन।
- बीमारी की छुट्टी: 6 माह की सेवा के बाद 15 दिन।
- अर्जित अवकाश: प्रति वर्ष 15 दिन (अगले वर्ष के लिए संचय की सुविधा के साथ)।
- प्रसूति अवकाश: महिला कर्मियों के लिए मैटरनिटी लीव का कड़ाई से पालन होगा।
वेतन सुरक्षा और डिजिटल पारदर्शिता
नए लेबर कोड्स के तहत अब मूल वेतन कुल सीटीसी का कम से कम 50% होगा, जिससे पीएफ और ग्रेच्युटी में वृद्धि होगी। वेतन का भुगतान हर माह की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में करना अनिवार्य होगा। 'आउटसोर्स सेवा निगम' के माध्यम से बिचौलियों को खत्म किया गया है। अकुशल श्रमिकों के लिए ₹11,000+ और कुशल श्रमिकों के लिए ₹13,500+ से शुरू होने वाली न्यूनतम मजदूरी की दरें तय की गई हैं।
3. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की तबीयत बिगड़ी: लखनऊ के मेदांता में भर्ती
आवास पर हुए बेहोश
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय शुक्रवार शाम लखनऊ स्थित अपने आवास पर अचानक मूर्छित होकर गिर पड़े। जानकारी के अनुसार, शरीर में सोडियम का स्तर अचानक कम होने की वजह से उन्हें चक्कर आया और वे बेहोश हो गए। इस घटना से समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में अफरा-तफरी मच गई।
डॉक्टरों ने स्थिति बताई स्थिर
परिजनों और करीबियों ने उन्हें तत्काल लखनऊ के मेदांता अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने राहत भरी खबर दी है कि उनकी स्थिति अब पूरी तरह सामान्य और स्थिर है। विशेषज्ञों की एक टीम उनकी गहन निगरानी कर रही है और कमजोरी के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अजय राय की हालत में लगातार सुधार हो रहा है और फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं।
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