उत्तर प्रदेश: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सीएम योगी की सौगात, जल्द मानदेय बढ़ोतरी और बीमा सुरक्षा का बड़ा फैसला #978 *HKW*
संक्षिप्त विवरण
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए ऐलान किए। सरकार ने डीबीटी के माध्यम से ₹38.49 करोड़ की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी है। इसमें यूनिफॉर्म के लिए धन, बीमा कवर और आयुष्मान कार्ड की सुविधा शामिल है। मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाने का आश्वासन भी दिया है। सभी को 2 लाख तक का बीमा कवर मिला है। सूत्रों के अनुसार, अगले 4 महीने में मानदेय बढ़ोत्तरी संभव है।
सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं का विस्तार
प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत बीमा प्रीमियम के लिए ₹8.90 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। 18 से 50 वर्ष की पात्र कार्यकर्ताओं को मृत्यु की स्थिति में ₹2 लाख का कवर मिलेगा, जिसका वार्षिक प्रीमियम ₹436 तय है। वहीं, 18 से 59 वर्ष की कार्यकर्ताओं को दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर ₹2 लाख और आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख की सुरक्षा मिलेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुड़िया सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी, उमा सिंह और लालावती को आयुष्मान कार्ड भी सौंपे।
यूनिफॉर्म वितरण और वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों को साड़ी और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए डीबीटी के जरिए ₹29.59 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित की। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नेहा दुबे, मानसी साहू, पूनम तिवारी और मनोरमा मिश्रा को प्रतीक स्वरूप साड़ियां भेंट कीं, जबकि सेवा मित्र आकांक्षा और रत्ना भारती को यूनिफॉर्म प्रदान की गई। सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को एक विशिष्ट पहचान और कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। इसी मंच से मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि करने का वादा भी दोहराया।
महिला उद्यमियों के साथ सीधा संवाद
कार्यक्रम के एक अन्य सत्र में मुख्यमंत्री ने वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर की सफल महिला उद्यमियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस संवाद में वाराणसी की सीता देवी ने ई-रिक्शा प्रशिक्षण और गाजीपुर की प्रमिला देवी ने रसोइया के रूप में अपने अनुभवों को साझा किया। चंदौली की सोनी कुमारी ने फूलों की खेती और जौनपुर की दुर्गा मौर्य ने 'ड्रोन दीदी' के रूप में अपनी सफलता की कहानी बताई। दुर्गा मौर्य ने बताया कि उन्होंने ऋण लेकर नमकीन फैक्ट्री स्थापित की है, जिससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इन उदाहरणों के माध्यम से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की सराहना की।
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