सुर्खियां : उत्तराखंड में 1.3 लाख करोड़ के इंफ्रा प्रोजेक्ट्स 2027 तक होंगे पूरे; चारधाम तैयारियों का जायजा लेने बद्रीनाथ पहुंचे सीडीएस; चमोली में सेना का वाहन खाई में गिरा *XESD* #998

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि केंद्र के सहयोग से चल रहे 1.30 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स अप्रैल 2027 तक पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे राज्य में कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसी बीच, चारधाम यात्रा शुरू होने से तीन दिन पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने बद्रीनाथ धाम पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और युवाओं से 'सूर्य देवभूमि चैलेंज' में हिस्सा लेने की अपील की। वहीं, चमोली के दिलों बैंड के पास सेना का एक वाहन 20 मीटर गहरी खाई में गिर गया, जिसमें घायल दो जवानों को एक स्थानीय युवक ने नेटवर्क न होने के अभाव में स्वयं रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया।


1. उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर का बदलेगा स्वरूप, 2027 तक लक्ष्य पूरा: सीएम धामी

कनेक्टिविटी और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड में आधुनिक सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है। सरकार का दावा है कि अगले एक साल में इनमें से कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पूरे हो जाएंगे, जिससे चारधाम यात्रा और पर्यटन को नई गति मिलेगी।

प्रमुख हाईवे और बाईपास की समयसीमा

परियोजनाओं के विवरण के अनुसार, 1650 करोड़ रुपये की लागत वाला पौंटा साहिब–देहरादून फोरलेन अगले महीने तक तैयार हो जाएगा। सहारनपुर–हरिद्वार 6 लेन हाईवे जून तक और 1050 करोड़ का रुद्रपुर फोरलेन बाईपास अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, झाझरा–आशारोड़ी के बीच बन रहे 12 किमी लंबे एलिवेटेड रोड को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेल और कुंभ की तैयारी

सड़क मार्ग के साथ-साथ सरकार का ध्यान रेल कनेक्टिविटी पर भी है। कर्णप्रयाग रेल लाइन के पहले चरण का लोकार्पण इसी साल के अंत तक करने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त, आगामी कुंभ मेले को देखते हुए हरिद्वार क्षेत्र की सड़क परियोजनाओं में तेजी लाई जा रही है।

2. चारधाम यात्रा से पहले बद्रीनाथ पहुंचे सीडीएस; सुरक्षा और तैयारियों की हुई समीक्षा

सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण

चारधाम यात्रा शुरू होने में अब केवल तीन दिन शेष हैं, जिसे देखते हुए सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम का दौरा किया। उन्होंने मंदिर परिसर और सुरक्षा इंतज़ामों का जायजा लिया। जनरल चौहान ने आईटीबीपी, सेना और उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

कपाट खुलने की तिथियां घोषित

इस वर्ष बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 दिन पहले है। वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे।

सूर्य देवभूमि चैलेंज और नीरज चोपड़ा की अपील

सीडीएस ने 'सूर्य देवभूमि चैलेंज 2026 अल्ट्रा ट्रेल रनिंग' की तैयारियों का भी अवलोकन किया। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने भी युवाओं से 17 से 19 अप्रैल तक आयोजित होने वाली इस 113 किमी की दौड़ में हिस्सा लेने का आह्वान किया है। यह दौड़ बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर आयोजित की जाएगी।

3. चमोली में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, स्थानीय युवक ने बचाई दो जवानों की जान

20 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन

गोपेश्वर थाना क्षेत्र के दिलों बैंड के पास सेना का एक वाहन (14C098 9014) अनियंत्रित होकर करीब 20 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में सिग्नल कोर के जवान धवन सिंह और चालक जांबाज सिंह घायल हो गए। हादसे के वक्त क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण एंबुलेंस से संपर्क नहीं हो पाया।

स्थानीय युवक की बहादुरी

मदद न मिल पाने की स्थिति में स्थानीय निवासी राहुल ने मानवता की मिसाल पेश की। राहुल ने बिना समय गंवाए दोनों घायल जवानों को अपने कंधे पर लादकर सड़क मार्ग तक पहुंचाया और फिर अपने निजी वाहन से उन्हें जिला अस्पताल ले गया। पुलिस अधिकारियों ने राहुल के इस साहसिक कार्य की सराहना की है।

घायलों की स्थिति और उपचार

हादसे में घायल जवान धवन सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सेना के हेलीकॉप्टर से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। चालक जांबाज सिंह का इलाज फिलहाल जिला अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन ने अस्पताल पहुंचकर जवानों का हालचाल जाना।

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