सुर्खियां : चम्पावत- गले में लगा भाला, छात्र की मौत; चारधाम यात्रा 2026 का औपचारिक शुभारंभ; हाथियों को ट्रेन हादसों से बचाएगा AI सिस्टम *ZSER* #999
उत्तराखंड के चम्पावत में एक दर्दनाक हादसे में राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्र की जैवलिन थ्रो अभ्यास के दौरान मौत हो गई, अभ्यास के दौरान उसके गले में भाला घुस गया था। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऋषिकेश से चारधाम यात्रा 2026 का औपचारिक शुभारंभ करते हुए श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना किया। इसके साथ ही, उत्तराखंड के तराई के जंगलों में रेल और हाथियों की टक्कर रोकने के लिए रेलवे ने लालकुआं रेलखंड पर अत्याधुनिक AI आधारित 'इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम' (IDS) लगाया है, यह पहले ही सेंसर के जरिए आगे हाथियों के होने की सूचना दे सकेगा।
1. चम्पावत: अभ्यास के दौरान गले में घुसा भाला, इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम
खेल मैदान में हुआ दर्दनाक हादसा
चम्पावत के गोरलचौड़ मैदान में शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्र वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के लिए अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान 19 वर्षीय छात्र सोमेंद्र सिंह बोहरा, जो अभ्यास क्षेत्र के बाहर फुटबॉल खेल रहे बच्चों को गेंद वापस देने जा रहे थे, पीछे से आए एक भाले की चपेट में आ गए। जैवलिन सीधे सोमेंद्र के गले और कंधे के बीच जा धंसा।
अंदरूनी चोट बनी मौत का कारण
भाला लगते ही सोमेंद्र बेहोश होकर गिर पड़े। साथियों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएमएस डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी के अनुसार, भाले से अंदरूनी ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई और भारी रक्तस्राव हुआ, जो जानलेवा साबित हुआ। सोमेंद्र परिवार का इकलौता बेटा था और चम्पावत में अपनी बुआ के पास रहकर पढ़ाई कर रहा था। हादसे की खबर सुन उनकी मां अस्पताल में ही बेहोश हो गईं।
प्रशासन ने मैदान किया सील
घटना के बाद प्रस्तावित खेलकूद प्रतियोगिताओं को स्थगित कर दिया गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस प्रशासन ने ग्राउंड को सील कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है कि अभ्यास के दौरान सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई।
2. चारधाम यात्रा 2026: ऋषिकेश से यात्रियों का पहला जत्था रवाना, कल खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट
मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार सुबह ऋषिकेश से चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने सुबह 11 बजे तीर्थयात्रियों के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व हरिद्वार के मायादेवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद 1000 से अधिक श्रद्धालु धामों के लिए रवाना हुए।
अक्षय तृतीया पर खुलेंगे द्वार
19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। उत्तरकाशी के मुखबा गांव से मां गंगा की विग्रह डोली आर्मी बैंड की धुन पर धाम के लिए प्रस्थान कर चुकी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
3. उत्तराखंड: तराई के जंगलों में हाथियों को बचाएगा AI; 500 मीटर दूर से मिलेगा अलर्ट
'इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम' (IDS) से लैस हुआ रेलखंड
लालकुआं रेलखंड पर रेलवे, वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने मिलकर AI आधारित सुरक्षा सिस्टम लगाया है। यह सिस्टम रेल पटरियों के किनारे बिछी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) के जरिए जमीन के कंपन को मॉनिटर करता है।
ऐसे काम करेगा नया सुरक्षा कवच
500 मीटर की निगरानी: जैसे ही कोई हाथी ट्रैक के 500 मीटर के दायरे में आता है, सेंसर कंपन को पकड़ लेते हैं।
सटीक पहचान: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपन का विश्लेषण कर यह पहचान लेता है कि यह हाथी की चाल है या किसी वाहन की।
तत्काल अलर्ट: पहचान पुख्ता होते ही सिस्टम लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और वन विभाग के कंट्रोल रूम को सिग्नल भेज देता है, जिससे ट्रेन की रफ्तार समय रहते कम की जा सकेगी।
यह पहल हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर में होने वाले रेल हादसों को रोकने और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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