नेशनल : राम मंदिर में ₹7 करोड़ की कथित चोरी का मामला गरमाया, PMO ने मांगी रिपोर्ट, CM योगी और गृह मंत्री ने लिया संज्ञान #979 *YY*
अयोध्या राम मंदिर में ₹5 से ₹7.5 करोड़ के चढ़ावे की कथित चोरी का विवाद अब दिल्ली से लेकर लखनऊ तक गहरा गया है। 'DBUP इंडिया' को सीएम योगी के करीबी और अयोध्या के एक भाजपा विधायक ने विशेष तौर पर बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले को लेकर बेहद सख्त हैं, गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और जल्द बैठक कर सकते हैं। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी मंदिर ट्रस्ट से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पाण्डेय और अखिलेश यादव लगातार सरकार और ट्रस्ट पर आरोप लगा रहे हैं, हालांकि अबतक इस कथित चोरी से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल सके हैं।
DBUP इंडिया एक्सक्लूसिव : CM योगी बेहद सख्त, गृह मंत्री अमित शाह जल्द करेंगे बड़ी बैठक
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों की कथित हेराफेरी के दावों के बीच 'DBUP इंडिया' को अयोध्या के एक स्थानीय विधायक ने विशेष जानकारी साझा की है। विधायक के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे मामले को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं, क्योंकि नेतृत्व का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले आस्था से जुड़े इस तरह के गंभीर आरोप राजनीतिक रूप से भारी पड़ सकते हैं। सूत्र ने 'DBUP इंडिया' को यह भी बड़ा दावा किया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस पूरे विषय की जानकारी मिल चुकी है और वह जल्द ही इस पर एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स का दावा: PMO ने तलब की रिपोर्ट; बंद कमरे में 4 घंटे चली बैठक
बुधवार, 10 जून 2026 को सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इससे ठीक एक दिन पहले, मंगलवार को अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की थी कि मामले की निष्पक्ष जांच CBI या ED जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, विशेष ऑडिट हो और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। इस गरमाते विवाद के बीच, राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने मंगलवार को ही ट्रस्ट के सदस्यों और अफसरों के साथ राम मंदिर परिसर के एक बंद कमरे में करीब 4 घंटे तक मैराथन बैठक की थी, जिसमें सूत्रों के अनुसार चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और लेखा-जोखा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
विपक्ष के तीखे सवाल: 7 जून को हुआ था पहला दावा, अखिलेश ने मांगे CCTV फुटेज
इस पूरे विवाद की शुरुआत रविवार, 7 जून 2026 को हुई थी, जब सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने दावा किया था कि राम मंदिर से ₹5 से साढ़े ₹7 करोड़ तक की चोरी की गई है। मंगलवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फिर से यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से 11 सवाल पूछे और पूछा कि CCTV फुटेज सार्वजनिक करने में क्या दिक्कत है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चढ़ावे की गिनती जैसे संवेदनशील काम में ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों को शामिल करने का फैसला किसने लिया। अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी आरोप लगाया कि यह लूट करने वाले कोई बाहरी नहीं हैं, बल्कि जनता इन्हें जानती है। वहीं, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अखिलेश के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने किसी न किसी तथ्य के आधार पर ही यह बात कही होगी।
ट्रस्ट का स्पष्टीकरण: आंतरिक ऑडिट की व्यवस्था और विपक्ष पर तीखा पलटवार
इन गंभीर आरोपों पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सफाई देते हुए कहा है कि ट्रस्ट का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता है, जिसमें ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं। आजकल भी वही काम चल रहा है और अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष और संतों ने विपक्ष के दावों पर करारा पलटवार किया है। उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर 'बाबरवादी सोच' रखने और राम मंदिर को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि अखिलेश अच्छा नहीं कर रहे हैं और एक भी पैसा चोरी नहीं हो रहा है। इसके साथ ही मंत्री ओपी राजभर और आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी कहा कि राम मंदिर का हमेशा विरोध करने वाले लोग जनता को गुमराह करने के लिए झूठ बोल रहे हैं।
जानिए कैसे होती है चढ़ावे की गिनती और क्या है मंदिर की कुल संपत्ति
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती पूरी तरह से CCTV कैमरों की निगरानी में बैंक कर्मचारियों और ट्रस्ट के लोगों की मौजूदगी में होती है। दान की रकम को रजिस्टर पर चढ़ाने के बाद परिसर के लॉकर में रखा जाता है और अगले दिन उसे अयोध्या धाम के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मुख्य खाते में जमा कर दिया जाता है। इस पूरे ऑडिट की निगरानी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा की जाती है। मंदिर में रोजाना औसतन ₹1 करोड़ से ज्यादा का दान आता है। 13 दिसंबर 2025 को हुई ट्रस्ट की बैठक के अनुसार, पिछले 5 साल 9 महीने में ट्रस्ट को कुल ₹4,575 करोड़ मिले थे, जिसमें से मंदिर निर्माण और परिसर विस्तार पर ₹2,475 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। 'ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026' की रिपोर्ट के मुताबिक, 70 एकड़ के मुख्य परिसर और भव्य संरचना को मिलाकर मंदिर की कुल संपत्ति ₹6,000 करोड़ से ₹8,000 करोड़ के पार पहुंच चुकी है, जिसका प्रबंधन 5 फरवरी 2020 को गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
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अरे भाईअगर वास्तव में चोरी हुई है तो ये लोग भगवान से भी चोरी कर रहे है ,
जवाब देंहटाएंभगवान कुछ कर क्यों नही रहा है ,
भगवान चुप क्यों है ,