उत्तराखंड-ख़बरें : सेना के जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत; बीआरओ फंड घोटाले में 26 ठिकानों पर सीबीआई की रेड; बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद की रिपोर्ट 10 दिन में आएगी *ZXVC* #694
सारांश
उत्तराखंड के रुद्रपुर में लेह-लद्दाख से छुट्टी पर आए सेना के 43 वर्षीय जवान भवान सिंह भंडारी की देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वहीं, सीमा सड़क संगठन (BRO) में फर्जी मजदूरों के नाम पर सरकारी धन के गबन के मामले में सीबीआई ने उत्तराखंड समेत 11 राज्यों के 26 ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। उधर, बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद में गठित मंदिर समिति (BKTC) की पहली बैठक में 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही गई है, जबकि भैरव सेना ने इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए एसआईटी जांच की मांग की है।
1. उत्तराखंड में छुट्टी पर आए सेना के जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों में कोहराम
देर रात अचानक बिगड़ी तबीयत
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में लेह-लद्दाख से एक महीने की छुट्टी पर घर आए सेना के जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान 43 वर्षीय भवान सिंह भंडारी के रूप में हुई है, जो भारतीय सेना की 274 फील्ड रेजीमेंट में तैनात थे। परिजनों के अनुसार, देर रात भवान सिंह की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
राजस्थान में होनी थी अगली पोस्टिंग
भवान सिंह मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र के निवासी थे, लेकिन वर्तमान में उनका परिवार रुद्रपुर की किरतपुर स्थित एकता विहार कॉलोनी में रह रहा था। उनके दादा और पिता भी सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके थे। भवान सिंह की छुट्टी समाप्त होने वाली थी और उनकी अगली तैनाती राजस्थान में होनी थी, लेकिन ड्यूटी पर लौटने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। मामले की सूचना पाकर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। कोतवाल प्रभारी निरीक्षक प्रकाश सिंह डिमरी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतक के पीछे उनकी पत्नी हेमा देवी, एक 17 वर्षीय बेटा और एक बेटी हैं।
2. बीआरओ फंड घोटाला: फर्जी मजदूरों के नाम पर गबन को लेकर सीबीआई ने 11 राज्यों में की छापेमारी
रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर कार्रवाई
सीमा सड़क संगठन (BRO) में फर्जी कैजुअल मजदूर दिखाकर सरकारी धन की हेराफेरी और गबन करने के आरोपों के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज चार एफआईआर के आधार पर उत्तराखंड समेत 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ 26 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। रक्षा मंत्रालय को तकनीकी बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स की आंतरिक जांच में अनियमितताओं का पता चला था, जिसके अनुसार लद्दाख में संचालित 'प्रोजेक्ट विजयक' और 'प्रोजेक्ट योजक' में फर्जी मजदूरों के नाम पर भुगतान दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया था।
10 अधिकारियों समेत निजी लोग जांच के दायरे में
सीबीआई ने इस मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियर रैंक के कुल 10 अधिकारियों सहित कुछ निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। इन सभी पर सरकारी धन के गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं, जिनकी अब फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
3. बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद: 10 दिन में आएगी जांच रिपोर्ट, भैरव सेना ने की एसआईटी जांच की मांग
मंदिर समिति की पहली बैठक संपन्न
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए गठित श्री बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) की चार सदस्यीय समिति की पहली बैठक सोमवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय में हुई। बैठक में करीब दो घंटे तक जांच की रूपरेखा पर मंथन किया गया। BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि 3 जुलाई को मामला सामने आने के आठ घंटे के भीतर यह समिति गठित कर दी गई थी, जो 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दान गणना केंद्र में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को दायित्वों से हटाकर देहरादून कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
भैरव सेना ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल
दूसरी तरफ, मामले को सामने लाने वाले संगठन 'भैरव सेना उत्तराखंड' के अध्यक्ष संदीप खत्री ने देहरादून में प्रेसवार्ता कर जांच समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में संगठन के पास आरोपों को सिद्ध करने के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं और यह जानकारी उन्हें सूत्रों से मिली थी। चूंकि मामला कथित सीसीटीवी फुटेज से जुड़ा है और समिति में कोई साइबर या फोरेंसिक विशेषज्ञ नहीं है, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की है। इस विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की वकालत की है।
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