राम मंदिर चढ़ावा चोरी : ट्रस्टी अनिल मिश्रा से पूछताछ, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी *GHFJ* #999

सारांश
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच तेज कर दी है। गुरुवार को SIT ने मंदिर के एक बंद कमरे में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ की, जबकि इस दौरान आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को बाहर बैठाया गया। वहीं प्रशासन जेल में बंद आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। अयोध्या ने वकीलों ने ट्रस्ट पदाधिकारियों और चंपत राय के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया है।


अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले की मुख्य बातें

गुरुवार, 02 जुलाई 2026 को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने दोपहर 3 बजे मंदिर पहुंचकर ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से बंद कमरे में पूछताछ की। इस दौरान आमंत्रित ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव को बाहर बैठाया गया। यह कार्रवाई महासचिव चंपत राय के पुराने बयानों के मिलान और आरोपी लवकुश व अनुकल्प की नियुक्ति में पदाधिकारियों की भूमिका जांचने के लिए की गई। उधर, पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की रिमांड पर लिया है और प्रतापगढ़ में उसके माता-पिता से पूछताछ की है। प्रशासन द्वारा आरोपियों के अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है, जबकि वकीलों ने ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

बंद कमरे में ट्रस्टी से पूछताछ और बयानों का मिलान

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गुरुवार दोपहर 3 बजे राम मंदिर परिसर पहुंची। टीम ने मंदिर के एक बंद कमरे में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से गहन पूछताछ की। इस दौरान आमंत्रित ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव को कमरे के बाहर ही बैठाया गया। इससे पहले रविवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से करीब 3 घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है। कथित तौर पर अब SIT चंपत राय और अनिल मिश्रा के बयानों का मिलान कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की नियुक्ति में ट्रस्ट के पदाधिकारियों की क्या भूमिका थी। इससे पहले भी SIT की टीम 15 से 20 जून तक इस मामले की जांच कर चुकी है।

आरोपी अविनाश 24 घंटे की रिमांड पर, प्रतापगढ़ में माता-पिता से सवाल-जवाब

पुलिस ने इस मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की रिमांड पर लिया है। अविनाश मंदिर में चढ़ावे की गिनती का काम करता था और उसके घर से राम मंदिर का संदूक, 20 लाख रुपए नकद, 1,000 से अधिक डॉलर और गहने बरामद हुए थे। इसी क्रम में, गुरुवार शाम करीब 6 बजे प्रतापगढ़ की महेशगंज पुलिस थाना क्षेत्र के बाबूपुर नरियावां गांव में स्थित अविनाश के घर पहुंची। पुलिस ने करीब एक घंटे तक उसके माता-पिता से पूछताछ की। प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के अनुसार, महेशगंज पुलिस YAKSH APP के माध्यम से सत्यापन के लिए वहां गई थी। इस दौरान पुलिस ने अविनाश के भाई द्वारा नोटों की गड्डियों के साथ इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो के संबंध में भी जानकारी जुटाई।

अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी और नोटिस जारी

चोरी के आरोपियों के खिलाफ प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने ऐसे मकानों की पहचान की है जहां नियमों का उल्लंघन कर निर्माण किया गया है। प्रशासन अब इन आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसके तहत शहादतगंज स्थित लवकुश मिश्रा के मकान और कौशलपुरी स्थित अनुकल्प मिश्रा के मकान पर कार्रवाई हो सकती है। ADA ने इस संबंध में लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को नोटिस भी जारी कर दिया है।

ट्रस्ट के सदस्यों में आपसी आरोप-प्रत्यारोप और गोपाल राव पर निशाना

इस मामले के सामने आने के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के बीच आपसी विवाद और आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। पहली बार ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने खुलकर पूर्व पदाधिकारी और निर्माण प्रभारी गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महंत दिनेंद्र दास महाराज का दावा है कि पूरी गलती मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले गोपाल राव की है, जो राजनीति कर रहे हैं और सबको उलझा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गोपाल राव राम की परंपरा को नहीं मानते हैं।

वकीलों का सड़क पर प्रदर्शन और चंपत राय समेत अन्य पर FIR की मांग

चढ़ावा चोरी मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह करीब 11.45 बजे अयोध्या में 500 से अधिक वकील सड़कों पर उतर आए। वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनकी गिरफ्तारी व FIR दर्ज करने की मांग की। वकीलों का यह समूह सिविल लाइन चौकी पहुंचा और इन तीनों पदाधिकारियों समेत कुल 4 लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

7 जून को खुला था मामला, अब तक हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां और इस्तीफे

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने का यह पूरा मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया था। मामले में 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसी दिन, यानी 25 जून को ही भारी दबाव के बीच मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

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