उत्तराखंड में हवाई नेटवर्क को मजबूत करने की तैयारी : अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में बनेंगे नए हेलीपोर्ट *WQRE* #699

सारांश 

देहरादून में सोमवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उत्तराखंड के हवाई नेटवर्क को मजबूत करने पर सहमति बनी है। वर्ष 2026 की चारधाम हेली सेवा के पहले चरण की सफलता के बाद, अब राज्य में नए हेलीपोर्ट, एयरस्ट्रिप और वेदर ऑब्जर्वेशन स्टेशन बनाने की तैयारी है। रोडमैप के तहत अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में नए हेलीपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

चारधाम हेली सेवा का पहला चरण रहा सफल, दूसरे चरण की तैयारियां शुरू

उत्तराखंड में चारधाम हेली सेवा के पहले चरण को लेकर समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2026 में चारधाम हेली सेवा का पहला चरण 19 अप्रैल से 26 जून तक सुरक्षित और सफल तरीके से संचालित किया गया। अब इसका दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू किया जाना तय हुआ है। इस बीच के समय का उपयोग सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत करने, आवश्यक ढांचागत सुविधाएं विकसित करने और सभी तैयारियों को समय से पूरा करने के लिए किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान सुरक्षा उपायों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया और केंद्र सरकार के अधिकारियों ने संचालन को सुरक्षित बनाने, मौसम संबंधी सूचना प्रणाली को बेहतर करने व यात्रियों को सुविधाएं देने के लिए कई अहम सुझाव दिए।

अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में बनेंगे नए हेलीपोर्ट

राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के सचिव समीर सिन्हा ने बैठक में उत्तराखंड के लिए भविष्य का विमानन रोडमैप प्रस्तुत किया। इस रोडमैप के तहत अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में नए हेलीपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। दावा किया जा रहा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए अतिरिक्त वेदर ऑब्जर्वेशन स्टेशन स्थापित करने पर भी सहमति बनी है, जिससे मौसम का सटीक पूर्वानुमान मिल सकेगा।

लैंसडाउन, रामनगर और नैनीताल में बढ़ेगी हवाई सुविधा, बनेंगे नए एयरस्ट्रिप

बैठक में संशोधित उड़ान (Modified UDAN) योजना के संदर्भ में भी चर्चा की गई, जिसके तहत देशभर में 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य है। इसी योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के लैंसडाउन, रामनगर और नैनीताल में हेलीकॉप्टर संचालन के लिए आवश्यक अवसंरचना विकसित करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा राज्य में तीन नए एयरस्ट्रिप की व्यवहार्यता का अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) कराने पर भी अधिकारियों के बीच सहमति बनी है।

मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध कार्य पूरे करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैठक में शामिल सभी विभागों और संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि चारधाम हेली सेवा के दूसरे चरण के शुरू होने से पहले सुरक्षा और अवसंरचना से जुड़े सभी कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), यूकाडा (UCADA) और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा ने यह सुझाव भी दिया कि अगस्त 2026 के मध्य में सभी विमानन परियोजनाओं की प्रगति की दोबारा व्यापक समीक्षा की जाए, ताकि प्रत्येक परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

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