यूपी-ख़बरें : भाजपा विधायक पर जानलेवा हमला या भीषण दुर्घटना?; यूपी में डीएसपी स्तर के 125 पुलिस अधिकारियों के तबादले; लखनऊ की समिट बिल्डिंग से 200 करोड़ की ठगी ऑपरेट *XCZV* #996

सारांश
बुधवार रात महोबा के खरेला में चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत की कार को एक डंपर ने टक्कर मारने की कोशिश की, जिसमें उनकी कार तो बच गई लेकिन पीछे चल रहा एस्कॉर्ट वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और गनर सहित 3 लोग घायल हो गए। विधायक ने इसे हत्या की साजिश बताया है। वहीं, योगी सरकार ने गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 125 डीएसपी का तबादला कर दिया है। इधर लखनऊ की प्रतिष्ठित समिट बिल्डिंग में एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर छापा मारकर पुलिस ने 27 लड़कियों समेत 119 लोगों को हिरासत में लिया है, जिन्होंने विदेशी नागरिकों से कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है।


1. महोबा में भाजपा विधायक बाल-बाल बचे, एस्कॉर्ट वाहन को डंपर ने मारी टक्कर: विधायक ने लगाया हत्या की साजिश का आरोप

भीषण सड़क हादसा

महोबा जिले के चरखारी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत बुधवार रात करीब 12:25 बजे एक भीषण सड़क हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। घटना जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर खरेला थाना क्षेत्र के संकट मोचन मंदिर के पास की है। विधायक एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी सामने से आ रहे केले से लदे एक अनियंत्रित डंपर ने उनकी कार को टक्कर मारने का प्रयास किया। चालक की सूझबूझ से विधायक की कार को सड़क किनारे खंती में उतार दिया गया, जिससे वह सुरक्षित बच गए।

तीन सुरक्षाकर्मी गंभीर घायल

विधायक की कार के ठीक पीछे चल रहे एस्कॉर्ट वाहन (स्कॉर्पियो) को डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एस्कॉर्ट वाहन में सवार छह लोगों में से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में विधायक के सरकारी गनर श्याम सिंह, निजी सुरक्षा गार्ड किशनपाल और चालक जितेंद्र शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए खरेला सीएचसी में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के बाद भागने का प्रयास कर रहे डंपर चालक को स्थानीय लोगों ने पीछा कर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। डंपर महाराष्ट्र के जलगांव का है।

हत्या की साजिश का दावा और एसआईटी की मांग

विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके पिता पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने दावा किया है कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि उनकी हत्या की सोची-समझी कोशिश है। विधायक के अनुसार, उन्होंने दो महीने पहले (30 मार्च को मुख्यमंत्री और 31 मई 2026 को एसपी) पत्र लिखकर अपनी जान को खतरा होने और सड़क दुर्घटना कराए जाने की आशंका जताई थी। विधायक ने पूरे मामले की एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। थाना प्रभारी नन्हेलाल के अनुसार डंपर को कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ की जा रही है।

2. उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल: योगी सरकार ने 125 डीएसपी स्तर के अधिकारियों के किए तबादले

प्रशासनिक स्तर पर बड़ा उलटफेर

योगी सरकार ने गुरुवार दोपहर ढाई बजे उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत राज्य के 125 पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) का स्थानांतरण कर दिया गया है। स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में अधिकांश वे शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में इंस्पेक्टर के पद से पदोन्नत कर डीएसपी बनाया गया था। शासन द्वारा जारी आदेश में सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई तैनाती का कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रमुख स्थानांतरण एवं नई तैनातियां

  • कमलेश कांत: मुरादाबाद से नोएडा कमिश्नरेट भेजा गया।
  • शिव ठाकुर: सहारनपुर से मेरठ स्थानांतरण।
  • मंजरी राव: बलिया की नई पुलिस उपाधीक्षक नियुक्त।
  • शिल्पा वर्मा: कन्नौज भेजी गईं।
  • अशोक कुमार सिंह: संत कबीरनगर से गोरखपुर रेलवे (GRP) में स्थानांतरण।
  • इमरान खान: ललितपुर से प्रयागराज पीएसी में सहायक सेनानायक।
  • धर्मेंद्र सिंह यादव: पीएसी लखनऊ से मुरादाबाद पुलिस अकादमी।

मुख्यमंत्री सुरक्षा में बदलाव

प्रशासनिक फेरबदल के तहत मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। लखनऊ कमिश्नरेट से सुधाकर द्विवेदी और भानु प्रताप सिंह को मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री सुरक्षा में पहले से तैनात रहे जितेंद्र कुमार को अब आगरा कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है।

3. लखनऊ की समिट बिल्डिंग में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का भंडाफोड़: 27 लड़कियों समेत 119 लोग हिरासत में

आलीशान कॉल सेंटर पर छापा

लखनऊ के गोमतीनगर स्थित प्रतिष्ठित समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर 'Solaris Solution' नाम की कंपनी बनाकर चलाए जा रहे एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। बुधवार दोपहर पुलिस कमिश्नर मरेंद्र कुमार सेंगर के नेतृत्व में की गई छापेमारी में 27 लड़कियों सहित कुल 119 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। मौके से 100 लैपटॉप, 178 कॉलिंग फोन, डिजिटल मशीनें और कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस दफ्तर का सालाना खर्च और किराया करीब 3 करोड़ रुपये था।

200 करोड़ की ठगी और हवाला कनेक्शन

पुलिस जांच के अनुसार, इस गिरोह ने अमेरिकी नागरिकों को अपना शिकार बनाकर अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। जालसाज शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक सक्रिय रहते थे और 'डॉलर' नामक ऐप तथा इंटरनेट कॉलिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अमेरिकी नागरिकों को सरकारी एजेंसियों या नामी कंपनियों का अधिकारी बनकर डराते थे। ठगी की रकम को गिफ्ट कार्ड, यूपीएस और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से प्राप्त कर अंत में 'हवाला' के जरिए भारत मंगाया जाता था।

पढ़े-लिखे युवाओं का नेटवर्क और कार्यशैली

इस फर्जी कॉल सेंटर में गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड और नॉर्थ-ईस्ट (नागालैंड, मणिपुर) के उच्च शिक्षित युवाओं (बीटेक, एलएलबी, बीएससी, बीबीए पास) को 34 से 40 हजार रुपये प्रति माह और 10% इंसेंटिव पर रखा गया था। नॉर्थ-ईस्ट की लड़कियों की अमेरिकन इंग्लिश एक्सेंट का फायदा उठाकर विदेशी नागरिकों को जाल में फंसाया जाता था। ये जालसाज तीन लेयर (डायलर, बैंकर और क्लोजर टीम) में काम करते थे और शिकार को उसका सोशल सिक्योरिटी नंबर फ्रीज होने का डर दिखाकर पैसे ठगते थे। पुलिस ने ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना की तलाश जारी है। मामले की रिपोर्ट गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को भेजी जाएगी।

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